Uttarakhand: बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित अनियमितता के मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि मंदिर के चढ़ावे में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करना केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ जैसे पवित्र धाम में चढ़ावे की चोरी करना “माता-पिता की हत्या और गौहत्या जैसा महापाप” है और इस मामले में दोषी चाहे कोई भी हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उच्च स्तरीय जांच समिति गठित
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है। समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस भी कर रही अलग से जांच
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि प्रशासनिक जांच के साथ-साथ पुलिस भी इस मामले की अलग से जांच कर रही है। एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनियमितता को सरकार बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करेगी।
मंदिर व्यवस्थाओं की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद बद्रीनाथ मंदिर की व्यवस्थाओं की भी व्यापक समीक्षा की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो चढ़ावे की गणना, सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं मजबूत बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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भैरव सेना के आरोपों के बाद सामने आया मामला
गौरतलब है कि यह मामला 3 जुलाई को उस समय चर्चा में आया, जब भैरव सेना ने बद्रीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की नकदी में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया। इसके बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने आंतरिक जांच शुरू की और संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए। पुलिस ने भी मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुछ तथ्यों की जांच की जा रही है। वहीं, अब सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
