दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्धों के बीच ग्लोबल फायरपावर (GFP) ने वर्ष 2026 की वैश्विक सैन्य शक्ति रैंकिंग जारी कर दी है। इस रिपोर्ट में 145 देशों की पारंपरिक युद्ध क्षमता का मूल्यांकन किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली सैन्य ताकत के रूप में अपनी स्थिति बरकरार रखी है, जबकि पड़ोसी देश पाकिस्तान लगातार तीसरे साल गिरावट के साथ टॉप-10 से बाहर हो गया है।
दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली देश
ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स (PwrIndx) में कम स्कोर का मतलब अधिक सैन्य शक्ति होता है। 2026 की टॉप रैंकिंग इस प्रकार है:
शीर्ष 5 देशों की स्थिति (कोई बदलाव नहीं)
- अमेरिका: पहले स्थान पर कायम
- रूस: 0.0791 PwrIndx स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर
- चीन: 0.0919 स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर स्थिर
- भारत: चौथे स्थान पर मजबूती से कायम
- दक्षिण कोरिया: टॉप-5 में शामिल
उभरती हुई सैन्य शक्तियां
- फ्रांस: लगातार सुधार करते हुए छठे स्थान पर पहुंचा
- जापान: एक स्थान की बढ़त के साथ सातवें नंबर पर
- जर्मनी: 2024 में 19वें स्थान से छलांग लगाकर 12वें स्थान पर
- इटली: 10वीं रैंक पर बने रहते हुए टॉप-10 में शामिल
भारत लगातार टॉप-5 में
भारत ने अपनी मजबूत सैन्य क्षमता, विशाल मानव संसाधन और रणनीतिक संसाधनों के दम पर चौथा स्थान बरकरार रखा है।
रक्षा बजट में वृद्धि और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत स्वदेशी हथियार निर्माण ने भारत की सैन्य ताकत को और मजबूती दी है।
🇵🇰 पाकिस्तान की रैंकिंग में गिरावट
पाकिस्तान की सैन्य स्थिति में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
- 2024: 9वां स्थान
- 2025: 12वां स्थान
- 2026: 14वां स्थान
कैसे तय होती है सैन्य रैंकिंग?
ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग तय करने के लिए 60 से अधिक मानकों का विश्लेषण करता है, जिनमें शामिल हैं:
- मानव शक्ति (सक्रिय और रिजर्व सैनिक)
- रक्षा बजट और आर्थिक स्थिति
- लॉजिस्टिक्स (हवाई अड्डे, बंदरगाह, परिवहन क्षमता)
- भौगोलिक स्थिति और संसाधनों की उपलब्धता
साल 2026 की यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि भारत और दक्षिण कोरिया जैसी एशियाई शक्तियां लगातार मजबूत हो रही हैं, जबकि यूरोपीय देश फ्रांस और जर्मनी अपनी रक्षा रणनीति को नए सिरे से आकार दे रहे हैं।
