Haridwar: सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती में छूट, बाढ़ मैदान नियमावली और बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी, पढ़ें उत्तराखंड कैबिनेट के 13 बड़े फैसले

Haridwar: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विकास, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, प्रशासनिक सुधार, जनहितकारी योजनाओं और युवाओं के हित से जुड़े 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने सेवामुक्त अग्निवीरों की भर्ती के लिए नई नियमावली, बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली-2026 और मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की।

 सेवामुक्त अग्निवीरों को वर्दीधारी पदों की भर्ती में मिलेगी छूट

कैबिनेट ने राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए क्षैतिज आरक्षण नियमावली-2026 को मंजूरी दी है। नई नियमावली में केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन किए गए हैं। इसके तहत लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं।

इससे पहले वर्ष 2025 की नियमावली में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के साथ अधिकतम आयु सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट का प्रावधान किया गया था।

 मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी

प्रदेश के साहसी और बहादुर बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना शुरू करने को मंजूरी दी गई है। इसके अंतर्गत विपरीत परिस्थितियों में धैर्य, असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को प्रोत्साहित करना और अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है।

 उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली-2026 मंजूर

बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई। इसके माध्यम से उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक और कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी।

इसका उद्देश्य बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना और जन-धन, संपत्ति तथा महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को संभावित नुकसान से सुरक्षित रखना है।

 जन विश्वास संशोधन विधेयक-2026 विधानसभा में होगा पेश

प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को आसान बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई।

प्रस्तावित विधेयक के तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करने तथा अप्रचलित और अनावश्यक कानूनी प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

 अग्निशमन एवं आपात सेवाओं के लिए नया कानून

कैबिनेट ने उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक-2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी है। यह विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल-2019 के अनुरूप तैयार किया गया है।

बढ़ते औद्योगिक विकास, शहरीकरण, आपदाओं और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा अग्निशमन संबंधी कानून को संशोधित कर नया कानून लाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य प्रदेश में अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।

 मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास की तैयारी

हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास और विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।

योजना के तहत संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र और आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना है। इसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध को बढ़ावा देना है।

 परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से मिलने वाली आय का 92 प्रतिशत संबंधित एजेंसियों को

कैबिनेट ने उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2023 की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है।

इस फैसले का उद्देश्य परिसंपत्तियों का बेहतर प्रबंधन करना और आधारभूत ढांचे के विकास को गति देना है।

 विधानसभा के तीसरे सत्र को आहूत करने की मंजूरी

मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी प्रदान की। विधानसभा सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।

 स्वजल और जल-स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता बढ़ी

कैबिनेट ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन में कुल 215 पदों की निरंतरता एक वर्ष के लिए बढ़ाने की मंजूरी दी है। ये पद 1 मार्च, 2026 से 28 फरवरी, 2027 तक जारी रहेंगे।

इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कर्मचारियों को पहले की तरह वेतन और मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा किया जाएगा।

 हरिद्वार में किफायती आवासीय परियोजना को राहत

हरिद्वार जिले की भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई में शिथिलता देने को मंजूरी दी गई है।

करीब 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित इस परियोजना के लिए तलपट मानचित्र की स्वीकृति में निर्धारित 9 मीटर चौड़े पहुंच मार्ग के स्थान पर उपलब्ध 6 मीटर चौड़े मार्ग को देखते हुए 3 मीटर की शिथिलता प्रदान की गई है। यह परियोजना प्रधानमंत्री आवास योजना और केंद्र व राज्य सरकार की आवास नीति के अनुरूप प्रस्तावित है।

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 ऊधमसिंह नगर में भू-उपयोग परिवर्तन के शासनादेश में सुधार

कैबिनेट ने ऊधमसिंह नगर जिले की बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को मंजूरी दी।

10 नवंबर, 2023 के शासनादेश में त्रुटिवश दर्ज खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही खसरा संख्या 321/2अ अंकित की जाएगी।

 संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों में संशोधन

उत्तराखंड वित्तीय हस्तपुस्तिका खंड-1 के वित्तीय अधिकारों के प्रतिनिधायन संबंधी प्रावधान में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड को प्रतिस्थापित किया जाएगा। इससे विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय अधिकारों का संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।

 केंद्र सरकार के सहयोग के लिए प्रधानमंत्री का आभार

कैबिनेट ने उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। साथ ही राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी विकास संबंधी प्राथमिकताओं एवं आवश्यकताओं के अनुरूप केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई।

इस तरह धामी मंत्रिमंडल की बैठक में युवाओं, प्रशासनिक सुधारों, आपदा प्रबंधन, आवास, संस्कृति और आधारभूत ढांचे से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए।