Jagannath Rath Yatra 2026: बारिश के बीच पुरी में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, उमड़ा आस्था का सैलाब।
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पुरी: ओडिशा के पुरी में भगवान श्री जगन्नाथ जी की ऐतिहासिक और भव्य रथयात्रा विधि-विधान के साथ शुरू हो गई है। भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं। लगातार बारिश के बावजूद भक्तों का उत्साह और आस्था देखते ही बन रही है।
पुरी में शुरू हुई भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा
रथयात्रा के अवसर पर पूरा पुरी शहर भक्ति और उत्सव के रंग में रंग गया है। बड़दंडा (ग्रैंड रोड) पर हर तरफ ‘हरिबोल’ के जयघोष, घंटियों, झांझ और शंख की गूंज सुनाई दे रही है। श्रद्धालु बारिश के बीच भी भगवान के दर्शन के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं।
चारों देवता रथयात्रा में होंगे शामिल
रथयात्रा में सबसे पहले चक्रराज सुदर्शन को देवी सुभद्रा के दर्पदलन रथ पर विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और अंत में महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी अपने-अपने रथों पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देंगे। भगवान जगन्नाथ का रथ नंदीघोष, भगवान बलभद्र का रथ तालध्वज और देवी सुभद्रा का रथ दर्पदलन कहलाता है।
बारिश के बीच भक्तों और भगवान का अद्भुत मिलन
मूसलाधार बारिश के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई। बड़दंडा पर उमड़ा जनसैलाब भगवान और भक्तों के अनोखे मिलन का साक्षी बन रहा है। भक्त नाचते-गाते और ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष के साथ भगवान के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। रथयात्रा के दौरान कई श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के विभिन्न रूपों में सजकर पहुंचे हैं। कोई हनुमान का रूप धारण किए हुए है तो कोई महादेव, श्रीकृष्ण और अन्य धार्मिक स्वरूपों में नजर आ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रथयात्रा के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रथयात्रा भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अनोखा उदाहरण है। यह पर्व विनम्रता, सामूहिक भागीदारी और निस्वार्थ सेवा की भावना को दर्शाता है। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान जगन्नाथ सभी को उत्तम स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि प्रदान करें तथा समाज में एकता की भावना को और मजबूत करें।
