Suman Kalyanpur: तुमने पुकारा और हम चले आए’…मशहूर गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन, ‘दूसरी लता मंगेशकर’ के नाम से थीं मशहूर

Suman Kalyanpur: भारतीय संगीत जगत से बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपनी मधुर और दिल को छू लेने वाली आवाज़ से दशकों तक श्रोताओं के दिलों पर राज करने वाली दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर अब हमारे बीच नहीं रहीं। 89 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने घर पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से संगीत प्रेमियों और फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है।

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संगीत जगत ने खोई एक अनमोल आवाज

सुमन कल्याणपुर हिंदी फिल्म संगीत की उन चुनिंदा गायिकाओं में थीं, जिनकी आवाज़ में मिठास, सादगी और भावनाओं की अद्भुत गहराई थी। उन्होंने अपने सुरों से लाखों लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। उनके निधन के साथ भारतीय संगीत ने अपनी एक बेहद अनमोल और यादगार आवाज़ खो दी है।

‘दूसरी लता मंगेशकर’ के नाम से थीं मशहूर

सुमन कल्याणपुर की आवाज़ को अक्सर स्वर कोकिला लता मंगेशकर से मिलती-जुलती माना जाता था। यही वजह थी कि उन्हें संगीत प्रेमी प्यार से ‘दूसरी लता मंगेशकर’ भी कहते थे। हालांकि अपनी अलग शैली और गायकी की पहचान के दम पर उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी खास जगह बनाई।

850 से ज्यादा हिंदी गीतों को दी आवाज

सुमन कल्याणपुर ने अपने लंबे संगीत सफर में हिंदी, मराठी, गुजराती, बंगाली, भोजपुरी, पंजाबी, असमिया, ओड़िया समेत कई भाषाओं में गीत गाए। उन्होंने हिंदी फिल्मों में 850 से अधिक गानों को अपनी आवाज दी।

 

उनके गाए कई गीत आज भी लोगों की जुबान पर हैं। इनमें ‘आजकल तेरे-मेरे प्यार के चर्चे’, ‘बहना ने भाई की कलाई में’, ‘ना-ना करते प्यार तुमसे कर बैठे’, ‘मेरा प्यार भी तू है’ जैसे सदाबहार गीत शामिल हैं।

मराठी सिनेमा से शुरू हुआ था सफर

सुमन कल्याणपुर को बचपन से ही संगीत और पेंटिंग का शौक था। उन्होंने संगीत की शिक्षा लेने के बाद अपने करियर की शुरुआत मराठी सिनेमा से की। इसके बाद हिंदी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा। उन्होंने मोहम्मद रफी, मन्ना डे और तलत महमूद जैसे दिग्गज गायकों के साथ कई यादगार गीत गाए।

कई पुरस्कारों से किया गया सम्मानित

संगीत के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें कई बड़े सम्मानों से नवाजा गया। उन्हें पद्म भूषण सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले। उनका योगदान भारतीय संगीत इतिहास में हमेशा सुनहरे अक्षरों में याद किया जाएगा।

गीतों के जरिए हमेशा रहेंगी याद

सुमन कल्याणपुर भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज़ और उनके गीत हमेशा अमर रहेंगे। उनके सुर आने वाली पीढ़ियों को भी संगीत से जोड़ते रहेंगे। भारतीय संगीत जगत में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।