वनाग्नि: थराली-कर्णप्रयाग के जंगलों में लगी आग, लाखों की वन संपदा खाक 

कर्णप्रयाग सहित पूरे चमोली जनपद में इन दिनों चारो ओर जंगलों में आग भड़की हुई है। वन विभाग की टीम आग बुझाने में जुटी है। 


चमोली। लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण जंगलों में नमी कम होने लगी है। ऐसे में बार-बार जंगलों में आग लग रही है। यहां थराली तहसील के जौला, भकुंडा और चिड़िंगा मल्ला के जंगलों में रविवार रात से आग लगी है। आग से करीब 5 हेक्टेयर से अधिक वनों को नुकसान पहुंचा है। वहीं कर्णप्रयाग ब्लॉक के दो जंगलों में भी आग लगी है। आग की लपटें तेज होने और तेज हवाओं के कारण वन कर्मी आग बुझा नहीं पा रहे हैं।

वन विभाग की टीम आग बुझाने में जुटी

वनाग्नि में काफल और बुरांश के पेड़ों के साथ साथ बहुमूल्य वन संपदा को नुकसान पहुंचा। वन विभाग की टीम आग बुझाने में जुटी है। जंगलों में नमी नहीं होने से भी आग लगातार फैल रही है। वन बीट अधिकारी रघुवीर टम्टा ने कहा कि आग बुझाने के लिए टीम मौके पर है। जल्द आग बुझा दी जाएगी।

सिरतोली और मौणा के जंगलों में लगी आग 

दूसरी ओर कर्णप्रयाग ब्लाॅक के सिरतोली और मौणा के जंगलों में आग हवाओं के कारण तेजी से फैल गई। हालांकि नंदप्रयाग रेंज के रेंजर बीएस परमार सहित अन्य कर्मी ग्रामीणों के साथ मौके पर आग बुझाने पहुंचे लेकिन आग की तेज लपटें तेज होने और लगातार हवाओं के कारण आग पर नियंत्रण नहीं हो पाया। रेंजर बीएस परमार में बताया कि शरारती तत्व आग लगा रहे हैं। उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

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दरअसल, उत्तराखंड में गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक तापमान में बढ़ोतरी के चलते पहाड़ के जंगल में आग धधक रही है। जिससे आए दिन लाखों की वन सम्पदा नष्ट हो रही है।

जंगलों में आग लगने के कारण

उतराखंड के पहाड़ो पर विशेषकर कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र घने चीड़ जंगलों से भरा है। इस कारण चीड़ की पत्तियों बहुत ही ज्वलनशील होता है। इससे बहुत ही कम समय में पूरा जंगल आग की चपेट में आ जाता है और इस समय जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं वह काफी चिंता का विषय है।

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