PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार देशवासियों को एक महत्वपूर्ण अपील दोहराई है। गुजरात के वडोदरा में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में कुछ बदलाव अपनाने की जरूरत है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और संसाधनों पर दबाव कम किया जा सके।
पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील
प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि पेट्रोल और डीजल का उपयोग जितना संभव हो, उतना कम करें। उन्होंने कारपूलिंग को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को अपनाने की सलाह दी। उनका कहना था कि इससे न केवल देश के ईंधन आयात बिल में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल मीटिंग पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल तकनीक ने काम करने के तरीकों को बहुत आसान बना दिया है। ऐसे में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में जहां संभव हो, वहां वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी और कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
सोने की अनावश्यक खरीद से बचने की सलाह
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि अनावश्यक रूप से सोने की खरीदारी से बचें। उन्होंने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में सोना विदेशों से आयात करता है, जिससे देश की विदेशी मुद्रा पर दबाव पड़ता है। ऐसे में समझदारी से खर्च करना जरूरी है।
वोकल फॉर लोकल’ पर जोर
उन्होंने एक बार फिर ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूत करने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि लोगों को विदेशी वस्तुओं की जगह स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जिससे देश के छोटे उद्योगों और कारीगरों को बढ़ावा मिलेगा।
वैश्विक हालात का जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय कई अस्थिर परिस्थितियों से गुजर रही है—चाहे वह कोविड का प्रभाव हो, आर्थिक चुनौतियां हों या अंतरराष्ट्रीय तनाव। ऐसे समय में भारत को अपने संसाधनों का समझदारी से उपयोग करना होगा।
प्रधानमंत्री की यह अपील देश को आत्मनिर्भर बनाने, विदेशी निर्भरता कम करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखी जा रही है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों की भागीदारी के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
