हिंदी साहित्य जगत में छायावाद के चार अग्रदूतों में एक थी आधुनिक युग की ‘मीरा’

मैं नीर भरी दुख की बदली परिचय इतना इतिहास यही उमड़ी कल थी मिट आज चली तो सहज भरोसा नहीं होता Mahadevi Verma death anniversary 2023: यह कहना कोई अतिशयोक्ति…

Jayanti: सादगी की प्रतिमूर्ति थे भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत

Govind Ballabh Pant Jayanti 2023 : सादगी के साथ जो लोग राजनीति के उंचे शिखर पर पहुंच जाते हैं, उन्हें लोग हमेशा याद रखते हैं। इसी सादगी की प्रतिमूर्ति थे…

आधुनिक हिंदी के पितामह लिखने के लिए ग्रह नक्षत्रों को देखकर करते थे कागजों का प्रयोग

Bharatendu Harishchandra Jayanti 2023: नवजागरण की आधार शिला रखने वाले आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह भारतेंदु हरिश्चंद्र की आज जयंती है। उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से अंग्रेज सरकार तक…

इंडिया के “ग्रैंड ओल्ड मैन” दादा भाई नौरोजी..जो बने थे ब्रिटेन के पहले एशियाई सांसद

#Dada Bhai Naoroji Jayanti 2023: ‘द ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध विचारक, शिक्षाविद् और सामाजिक नेता दादा भाई नौरोजी की आज जयंती है। हमेशा ही राष्ट्रहित…

कौन है जया वर्मा सिन्हा? जो 166 साल के इतिहास में बनीं भारतीय रेलवे की पहली महिला चेयरमैन

केंद्र की ओर से जया वर्मा सिन्हा को रेलवे बोर्ड का सीईओ और अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। रेलवे के 166 साल के इतिहास में जया वर्मा सिन्हा इस पद को…

‘हॉकी के जादूगर‘ से जर्मनी तानाशाह एडोल्फ हिटलर था प्रभावित

महान भारतीय हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद्र की जयंती पर उन्हें याद करते हुए प्रति वर्ष 29 अगस्त को भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। उनकी कप्तानी में भारतीय…

जै दिन त्योर-म्यरो नि होलो,एक दिन तो आलो,उ दिन यो दुनी में..जनगीतों के महारथी थे “गिर्दा”

घुनन मुनई नि टेक जैंता एक दिन तो आलो, उ दिन यो दुनी में  जै दिन कठुलि रात ब्यालि पौ फाटला को कड़ालो ता एक दिन तो आलो, उ दिन…

“पहाड़ों में चलता फिरता गांधी” कहो या “पहाड़ का गांधी, कभी भुलाए नहीं जा सकते.. इन्द्रमणि बडोनी..

उत्तराखंड राज्य आन्दोलन के पुरोधा, उत्तराखण्ड के गांधी इन्द्रमणि बडोनी की आज पुण्यतिथि है।  उनके जुझारु नेतृत्व के बदौलत ही पृथक् राज्य का सपना पूरा हो सका है। दरअसल इन्द्रमणि…

भारतीय राजनीति का एक अलग चेहरा थे पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी, विरोधी भी देते थे सम्मान

”टूटे हुए सपनों की कौन सुने सिसकी, अंतर की चीर व्यथा पलकों पर ठिठकी, हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा, काल के कपाल पर लिखता मिटाता हूं, गीत नया गाता…

देवभूमि की वीरांगनाएं जुगनू की तरह चमकती हुई समाज को दे रही नई दिशा..

कहते हैं परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों..अगर साहस, हौसला, ढृड संकल्प हो तो इनके आगे मंजिलों को झुकना ही पड़ता है। इसी तरह देवभूमि उत्तराखंड में भी कई ऐसी वीरांगनाएं…